सीहोर (मध्य प्रदेश)। राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ को लेकर जारी राजनीतिक बहस के बीच धर्माचार्य देवकीनंदन ठाकुर ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि देश में रहने वाले प्रत्येक नागरिक को राष्ट्र के नियमों का पालन करना चाहिए और जो लोग राष्ट्रीय गीत का सम्मान नहीं करते, उन्हें संवैधानिक दायरे में दंडित किया जाना चाहिए।
धर्माचार्य सीहोर जिले के कुबेरधाम में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि “हम भारत को माता मानते हैं। जो लोग इस देश का अन्न खाते हैं, लेकिन ‘वंदे मातरम’ नहीं गाते, वे देश का अपमान कर रहे हैं।”
‘वंदे मातरम’ को लेकर छिड़ी है बहस
इन दिनों ‘वंदे मातरम’ के पूर्ण गान को लेकर सियासी माहौल गरम है। कुछ मुस्लिम धर्मगुरुओं ने इसे लेकर आपत्ति जताई है, जिसके बाद विभिन्न राजनीतिक और धार्मिक नेताओं की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। इसी क्रम में देवकीनंदन ठाकुर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राष्ट्रीय प्रतीकों का सम्मान अनिवार्य होना चाहिए।
कुबेरधाम में चल रहा है धार्मिक आयोजन
सीहोर के कुबेरधाम में कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के सान्निध्य में सात दिवसीय शिव महापुराण कथा और रुद्राक्ष महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इसी कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे देवकीनंदन ठाकुर ने यह बयान दिया।
मंदिरों की आय पर भी उठाए सवाल
अपने संबोधन में धर्माचार्य ने मंदिरों की आय के सरकारी प्रबंधन पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि मंदिरों से प्राप्त धनराशि के उपयोग को लेकर पारदर्शिता होनी चाहिए। उनके अनुसार, धार्मिक संस्थानों के संसाधनों पर केवल प्रशासनिक नियंत्रण नहीं, बल्कि धार्मिक समाज की भागीदारी भी सुनिश्चित होनी चाहिए।
उन्होंने “सनातन बोर्ड” के गठन की आवश्यकता पर भी बल दिया, ताकि मंदिरों और धार्मिक गतिविधियों का प्रबंधन सुव्यवस्थित ढंग से हो सके।
युवाओं को जोड़ने की पहल
देवकीनंदन ठाकुर ने बताया कि वे “सनातन प्रीमियर लीग” जैसे आयोजनों के माध्यम से युवाओं और बच्चों को संस्कृति से जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं। उनका कहना है कि युवा पीढ़ी को जोड़कर ही सनातन परंपरा को आगे बढ़ाया जा सकता है।
‘वंदे मातरम’ को लेकर चल रही बहस के बीच देवकीनंदन ठाकुर का यह बयान चर्चा में है। राष्ट्रीय गीत के सम्मान, मंदिर प्रबंधन और सनातन बोर्ड जैसे मुद्दों पर उनके विचारों ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में नई बहस को जन्म दे दिया है।